आंध्र के नेताओं का दावोस के खर्च पर व्हाइट पेपर की मांग कीया जा रहा है

Andhra Leaders are Demanding a White Paper

Andhra Leaders are Demanding a White Paper

(अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )

अनंतपुर : : (आंध्र प्रदेश) 24जनवरी: Andhra Leaders are Demanding a White Paper: आंध्र प्रदेश मुख्यमंत्री चंद्रबाबू और उनके बेटे की दावोस यात्रा के खर्च और यात्रा के नतीजों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की जा रही है।

शनिवार को यहां मीडिया से बात करते हुए, पूर्व विधायक और (पूर्व प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे ) साके शैलजानाथ ने कहा कि चंद्रबाबू 15 बार दावोस जा चुके हैं और वह बिना पलक झपकाए इन्वेस्टमेंट और नौकरियों पर एक ही बयान देते हैं पिछले मुख्यमंत्री काल में भी यही बातें कही थी और कहीं एक पैसा नहीं आया ।

हम मांग करते हैं कि गठबंधन सरकार चंद्रबाबू और उनके साथियों की दावोस यात्रा पर खर्च हुए पैसे पर व्हाइट पेपर जारी करे क्योंकि यह जनता का पैसा है जो बेतहाशा खर्च किया जा रहा है।
चंद्रबाबू और उनके मीडिया द्वारा इन्वेस्टमेंट और नौकरियों के बारे में जारी किया जा रहा डेटा एक धोखा है क्योंकि यह आंकड़ा पिछले कई सालों से दिया जा रहा है। दावोस तक जाकर, वह केवल एक प्रोजेक्ट, ग्रीनको, को ही पूरा कर पाए, जो राज्य के पिछले हिस्से में है। उन्होंने पूछा कि इस समझौते के लिए दावोस जाने और इतना सारा जनता का पैसा बर्बाद करने की क्या ज़रूरत है।

इन्वेस्टमेंट और लाखों नौकरियां पैदा होने के बड़े-बड़े दावों पर कोई भरोसा नहीं करता क्योंकि स्क्रिप्ट पुरानी है और लोग सरासर झूठ से वाकिफ हैं।
वाईएस जगन मोहन रेड्डी में क्रेडिबिलिटी है और वे इन्वेस्टमेंट ला सकते हैं, जबकि चंद्रबाबू की इमेज खराब है और अब कोई उन पर विश्वास करने की हालत में नहीं है।
उन्होंने पूछा कि विजाग की ज़मीनें रियल एस्टेट कंपनियों को रिश्वत के लिए थाली में परोसी जा रही हैं और कोई रियल एस्टेट कंपनी द्वारा नौकरियां पैदा करने के कॉन्सेप्ट पर कैसे विश्वास कर सकता है।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है और राजनीतिक विरोधियों को टारगेट किया जा रहा है और गंभीर धाराएं लगाकर मामलों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खराब शासन पर तीखे सवाल पूछने पर सोशल मीडिया एक्टिविस्ट को भी परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पेंशन की मंज़ूरी में भेदभाव हुआ है और राजनीतिक एंगल को तरजीह दी जा रही है और अनंतपुर जिले में पुलिस के अत्याचारों का ज़िक्र किया।